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    चंद्रभेदी प्राणायाम | Chandra Bhedi Pranayama in Hindi.1

    चंद्रभेदी प्राणायाम

    इस लेख में हम चंद्रभेदी प्राणायाम पर चर्चा करेंगे। इस लेख में चंद्रभेदी प्राणायाम के आसन को करने का तरीका और इस आसन के अभ्यास से होने वाले फायदों के बारे में बताया गया है। साथ में यह भी बताया गया है कि चंद्रभेदी प्राणायाम करने के दौरान क्या सावधानी बरतें।

    चंद्रभेदी प्राणायाम की विशेषता।

    • चंद्र-भेदन प्राणायाम सभी क्रियाएँ सूर्य-भेदन प्राणायाम के ठीक विपरीत होती हैं। इस प्राणायाम में सभी श्वास लेने कि (पूरक) क्रियाएँ बाएँ नासिका द्वार से की जाती हैं और श्वास छोड़ने कि (रेचक) क्रियाएँ दाहिने नासिका द्वार की जाती हैं।

    चंद्रभेदी प्राणायाम करने का सही तरीका।

    चंद्रभेदी प्राणायाम करने की विधि।

    चंद्रभेदी प्राणायाम

    विधि।

    • चंद्र-भेदन प्राणायाम सभी क्रियाएँ सूर्य-भेदन प्राणायाम के ठीक विपरीत होती हैं। 
    • सर्वप्रथम सुखासन में बैठ जाएं।
    • अब बाएँ नासिका द्वार से श्वास लें। पूरक कीजिए। 
    • ध्यान रखें पूरक करने की क्रिया धीरे-धीरे, सावधानी पूर्वक और गहराई से होनी चाहिए।
    • अब दोनों नासिका द्वार बंद करें। और अंतःकुंभक करें तथा अंतःकुंभक के साथ जालंधर और मूल बंध लगाएँ। 
    • अब अपने शरीर को स्वाभाविक आराम दें तथा बंध शिथिल करें व दाहिने नासिका द्वार से श्वास छोड़े। 
    • यह इस प्राणायाम का एक चक्र पूरा हुआ। 
    • अब इस प्रकार इस प्राणायाम के क्रमशः 10 चक्र लगाएं और अंतःकुंभक की स्थिति अर्थात् समय क्रमशः बढ़ाते जाएँ।

    श्वास का क्रम/समय।

    • श्वास का क्रम और समय ऊपर विधि में बताया गया है।

    चंद्रभेदी प्राणायाम का अभ्यास करने के लिए इस वीडियो की मदद लें।

    चंद्रभेदी प्राणायाम करने के फायदे।

    चंद्रभेदी प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने के फायदे।

    • इस आसन के अभ्यास से शरीर में शीतलता आती है, शरीर को ठंडक मिलती है।
    • मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। चिड़चिड़ापन, गुस्सा, आवेग और तनाव आदि मानसिक रोग दूर होते हैं।
    •  अभ्यास से मन प्रसन्न होता है।
    • पित्त को कम करता है।
    • एकाग्रता व स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक है।
    • गर्मियों में लाभकारी है।
    • एकाग्रता व स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक है।
    • इस आसन का नियमित अभ्यास करने से उच्च रक्तचाप (high blood pressure) वालों को लाभ प्राप्त होता है।

    सावधानियां।

    • निम्न रक्तचाप (low blood pressure.) वाले लोग इस प्राणायाम का अभ्यास न करें।
    • एक ही दिन में सूर्य भेदन और चंद्र भेदन दोनों प्राणायाम न करें।
    • ठंड के दिनों में यथासंभव इस प्राणायाम का अभ्यास न करें।

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    सारांश।

    योग करना अच्छी आदत है। कभी भी जल्दी फायदे पाने के चक्कर में शरीर की क्षमता से अधिक  योगाभ्यास करने की कोशिश न करें। योगासनों का अभ्यास किसी भी वर्ग विशिष्ट के लोग कर सकते हैं। 

    चंद्रभेदी प्राणायाम, इस योगासन के नियमित अभ्यास से शरीर से सम्बंधित बीमारियों को दूर करने में मदद मिलती है। किन्तु हमारी मंत्रणा यही है कि कभी भी किसी अनुभवी योगाचार्य या योग विशेषज्ञ (yoga Expert) की मदद के बिना मुश्किल योगासनों का अभ्यास या आरंभ न करें। किसी योग शिक्षक की देखरेख में ही मुश्किल योगासनों का अभ्यास करें। इसके अलावा अगर कोई गंभीर बीमारी हो तो योगासन का आरंभ करने से पहले डॉक्टर या अनुभवी योगाचार्य की सलाह जरूर लें

     

    FAQs

     

    Ques 1. चंद्रभेदी प्राणायाम करने की विधि?

    Ans. चंद्रभेदी प्राणायाम करने की विधि।

    • चंद्र-भेदन प्राणायाम सभी क्रियाएँ सूर्य-भेदन प्राणायाम के ठीक विपरीत होती हैं। 
    • सर्वप्रथम सुखासन में बैठ जाएं।
    • अब बाएँ नासिका द्वार से श्वास लें। पूरक कीजिए। 
    • ध्यान रखें पूरक करने की क्रिया धीरे-धीरे, सावधानी पूर्वक और गहराई से होनी चाहिए।
    • अब दोनों नासिका द्वार बंद करें। और अंतःकुंभक करें तथा अंतःकुंभक के साथ जालंधर और मूलबंध लगाएँ। 
    • अब अपने शरीर को स्वाभाविक आराम दें तथा बंध शिथिल करें व दाहिने नासिका द्वार से श्वास छोड़े। 
    • यह इस प्राणायाम का एक चक्र पूरा हुआ। 
    • अब इस प्रकार इस प्राणायाम के क्रमशः 10 चक्र लगाएं और अंतःकुंभक की स्थिति अर्थात् समय क्रमशः बढ़ाते जाएँ।

     

    Ques 2. चंद्रभेदी प्राणायाम करने के क्या फायदे  है?

    Ans. चंद्रभेदी प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने के फायदे।

    • इस आसन के अभ्यास से शरीर में शीतलता आती है, शरीर को ठंडक मिलती है।
    • मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। चिड़चिड़ापन, गुस्सा, आवेग और तनाव आदि मानसिक रोग दूर होते हैं।
    •  अभ्यास से मन प्रसन्न होता है।
    • पित्त को कम करता है।
    • एकाग्रता व स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक है।
    • गर्मियों में लाभकारी है।
    • एकाग्रता व स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक है।
    • इस आसन का नियमित अभ्यास करने से उच्च रक्तचाप (high blood pressure) वालों को लाभ प्राप्त होता है।

     

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